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27 May 2023: दिन की पांच बड़ी ख़बरें 'Top 5 News Of The Day

1.महाराष्ट्र बोर्ड जल्द जारी करेगा 10वीं के नतीजे, यहां देखें संभावित डेट

महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट के बाद अब जल्द ही 10वीं के नतीजे भी जारी किया जाएंगे। महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (Maharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Education) आगामी कुछ दिनों में ही महाराष्ट्र एसएससी रिजल्ट 2023 जारी करेगा। वहीं, अगर पिछले ट्रेंडस को देखें तो महाराष्ट्र बोर्ड परिणाम जारी करने से पहले कक्षा 10वीं के परिणाम जारी करने की तारीख और समय की घोषणा करता है तो ऐसे में उम्मीद है कि इस साल भी बोर्ड पहले इस संबंध में सूचना घोषित करेगा। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि नतीजे इस महीने के आखिर में या फिर जून के पहले सप्ताह में घोषित हो सकते हैं। चूंकि बोर्ड ने कोई डेट अभी तक जारी नहीं की है इसलिए परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट https://www.mahahsscboard.in पर नजर बनाएं रखें। 

इन वेबसाइट पर कर पाएंगे चेक 

mahahsscboard.in

mahresults.nic.in

Maharashtra SSC Result 2023: महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं के नतीजे जारी होने के बाद परीक्षार्थियों को चेक करने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स 

महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं के नतीजे जारी होने के बाद स्टूडेंट्स को  नतीजे देखने के लिए सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mahahsscboard.in पर जाना होगा। अब, होमपेज पर महा एसएससी रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें। अब दूसरे पेज पर पुनर्निर्देशित किए जाने के बाद, आवश्यक विवरण दर्ज करें। इसके बाद सबमिट करने के बाद, महाराष्ट्र एसएससी परिणाम स्क्रीन पर खुल जाएगा। अब उसी के माध्यम से जाओ और इसे डाउनलोड करें। इसके बाद उसका प्रिंटआउट लेकर रख लें। 

बता दें क महाराष्ट्र बोर्ड ने 25 मई, 2023 को कक्षा 12वीं या एचएससी परिणाम जारी किया है। एग्जाम में कुल 93.73% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। वहीं, अब जल्द ही 10वीं के नतीजे भी जारी किए जाएंगे। ज्यादा जानकारी के लिए कैंडिडेट्स को आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना चाहिए।

2. WTC Final: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल से पहले भारत को झटका! यह खिलाड़ी टीम से हो सकता है बाहर

भारतीय टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला सात जून से इंग्लैंड के ओवल में खेला जाएगा। भारतीय दल के कई सदस्य मुकाबले की तैयारी के लिए पहले ही लंदन पहुंच चुके हैं। इसी बीच, टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन फाइनल से कुछ दिन पहले चोटिल हो गए हैं।ईशान शुक्रवार (26 मई) को आईपीएल के दूसरे क्वालिफायर के दौरान चोटिल हो गए। मुंबई इंडियंस का यह विकेटकीपर बल्लेबाज 16वें ओवर की समाप्ति के बाद चोटिल हो गया। मैदान पर उनकी टक्कर क्रिस जॉर्डन से हो गई। जॉर्डन की कोहनी किशन के आंख में लग गई। ईशान इसके बाद मैदान से बाहर हो गए। उनके स्थान पर विष्णु विनोद ने विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की।

राहुल की जगह चुने गए थे किशन

किशन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए चुनी गई शुरुआती टीम में नहीं थे। उन्हें केएल राहुल के बाहर होने के बाहर होने के बाद चुना गया था। टीम इंडिया में किशन के अलावा अन्य विकेटकीपर केएस भरत हैं। ईशान को अब तक टेस्ट में डेब्यू का मौका नहीं मिला है। अगर वह बाहर होते हैं तो केएस भरत और टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ जाएगा। भारतीय टीम और भरत यह नहीं चाहेंगे कि वह चोटिल हो।

किशन ने 48 प्रथम श्रेणी मैच खेले

किशन के पास प्रथम श्रेणी क्रिकेट का भरपूर अनुभव है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 48 प्रथम श्रेणी मैचों में 38.76 की औसत से 2985 रन बनाए हैं। किशन अभी तक टेस्ट मैच में नहीं खेल पाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के लिए उन्हें चुना गया था, लेकिन वह प्लेइंग-11 में शामिल नहीं हो पाए थे।

पिछली बार टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में मिली थी हार

भारतीय टीम लगातार दूसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची है। उसे पिछली बार 2021 में खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। टीम इंडिया ने टेस्ट चैंपियनशिप के 2021-23 सीजन में शानदार प्रदर्शन किया। वह ऑस्ट्रेलिया के बाद अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रही।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, ईशान किशन (विकेटकीपर), केएस भरत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, शार्दूल ठाकुर, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव, जयदेव उनादकट।

3. साल 2050 तक 80 करोड़ लोग हो सकते हैं इस समस्या के शिकार, खराब लाइफस्टाइल मुख्य वजह

लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, मौजूदा समय की लगभग 60 फीसदी बीमारियों का प्रमुख कारण है। लोगों में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता, एक जगह पर लंबे समय तक बैठकर काम करते रहने की आदत और व्यायाम की कमी ने कई क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। इसे हृदय रोगों से लेकर डायबिटीज, मोटापे जैसी शारीरिक स्थितियों का कारण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि हम सभी सिर्फ लाइफस्टाइल की दिक्कतों को ही ठीक कर लें तो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव कर सकते हैं।

एक हालिया रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने खराब लाइफस्टाइल के ही कारण बढ़ती पीठ-कमर दर्द की समस्याओं को लेकर चिंता जताई है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि वैश्विक स्तर पर 50 करोड़ से अधिक लोग गंभीर कमर दर्द की समस्या के शिकार हैं, साल 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर 80 करोड़ तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। 

बढ़ रहे हैं कमर दर्द के मामले

जर्नल लैंसेट रुमेटोलॉजी में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, साल 2050 तक दुनियाभर में 800 मिलियन (80 करोड़) से अधिक लोगों में गंभीर पीठ दर्द की समस्या होने का जोखिम हो सकता है। शोधकर्ताओ ने चिंता जताते हुए कहा है जिस तरह से लाइफस्टाइल की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और इसमें सुधार के लिए कोई खास प्रयास भी नहीं देखा जा रहा है, ऐसे में अगले एक-डेढ़ दशकों में इसका जोखिम, साल 2020 की तुलना में 36 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

'एन एनालिसिस ऑफ द ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी 2021' अध्ययन से पता चला है कि 2017 के बाद से कमर-पीठ दर्द के मामलों की संख्या आधे अरब से अधिक दर्ज की गई है। इसके अलावा 2020 में पीठ दर्द के लगभग 619 मिलियन (61.9 करोड़) मामले सामने आए।

क्या कहते हैं अध्ययन?

सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक पिछले 30 वर्षों के दौरान एकत्र किए गए आंकड़े एशिया और अफ्रीकी देशों में पीठ दर्द के बढ़ते मामलों के बारे में अलर्ट करते हैं। 204 से अधिक देशों के साल 1990 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर पता चलता है कि पीठ दर्द के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मॉडलिंग अध्ययनों में अनुमान लगाया गया है कि साल 2050 तक लाइफस्टाल की समस्याओं के अलावा जनसंख्या वृद्धि और उम्र बढ़ने के कारण 843 मिलियन लोग (84.3 करोड़ से अधिक) लोग इस समस्या के शिकार हो सकते हैं। 

शोधकर्ताओं ने कहा कि कमर दर्द के इलाज के लिए दृष्टिकोण की कमी और सीमित उपचार विकल्पों के कारण इसका खतरा और भी अधिक हो सकता है। समय पर अगर इसपर ध्यान न दिया जाए और उपचार न मिल पाए तो यह खराब क्वालिटी ऑफ लाइफ की समस्याओं के साथ दुनियाभर में विकलांगता का प्रमुख कारण हो सकता है।

क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

सिडनी विश्वविद्यालय में मस्कुलोस्केलेटल हेल्थ के मुख्य लेखक प्रोफेसर मैनुएला फेरेरा कहते हैं, पीठ दर्द से जुड़े कम से कम एक तिहाई मामले व्यावसायिक कारकों, धूम्रपान और अधिक वजन से संबंधित हो सकते हैं। एक व्यापक गलत धारणा यह है कि पीठ दर्द मुख्यरूप से कामकाजी उम्र के वयस्कों को ही प्रभावित करता है, जबकि लाइफस्टाइल की समस्या के कारण किसी भी व्यक्ति को यह दिक्कत हो सकती है।

सभी लोगों को इन समस्याओं से बचाव के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।

सप्ताह में कम से कम 5 दिन मांसपेशियों की मजबूती देने और स्ट्रेचिंग वाले व्यायाम करें।

बैठते समय शरीर की मुद्रा सीधा रखें।

अधिक भारी उठाने से बचें।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहें और स्वस्थ आहार का सेवन करें।

4. नए संसद भवन का विरोध कर रहे विपक्षी दलों पर बरसे गुलाम नबी, कहा- सही मुद्दे उठाए विपक्ष

दिल्ली में नए संसद भवन के उद्घाटन से पहले लगातार सियासी बवाल देखा जा रहा है। इसी बीच डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष को बॉयकॉट करने की बजाए बधाई देनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि नई संसद के निर्माण का विचार सबसे पहले पीवी नरसिम्हा सरकार के समय में रखा गया था लेकिन कुछ कारणों से इस पर काम नहीं हो पाया।विपक्ष सही मुद्दे उठाए: गुलाम नबी

गुलाम नबी आजाद खुद इस उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसके लिए उन्होंने कहा कि मैं जरूर शामिल होता, लेकिन मैं किसी कार्यक्रम में जा रहा हूं, जिस वजह से नई संसद के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकूंगा। उन्होंने विपक्ष की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी कई मुद्दे हैं जिन्हें विपक्ष को सरकार के खिलाफ उठाना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यवश विपक्ष की तरफ से वो मुद्दे नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा विपक्ष को जनता के हितों में मुद्दे उठाने चाहिए, इस मुद्दे से जनता को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।उन्होंने कहा कि ये देश के लिए बहुत अच्छी बात है की नई संसद बनी है और संसद की एक विशाल बिल्डिंग इतने कम समय में बनाई गई है। संसद की सदस्यों की संख्या बढ़ती जा रही है, ऐसे में जरूरी भी था कि नई संसद का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि उद्घाटन चाहे प्रधानमंत्री करें या राष्ट्रपति, दोनों एक ही पार्टी के नेता हैं। मुझे लगता है कि विपक्ष को सही मुद्दों को उठाना चाहिए।

5. राष्ट्रपति की जाति का हवाला देकर भड़काऊ बयान दिए! केजरीवाल और खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज


 दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal), कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और अन्य के खिलाफ शनिवार को एक शिकायत दर्ज की गई है. ये नए संसद भवन के उद्घाटन के आयोजन के संबंध में है. आरोप है कि अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) की जाति का हवाला दिया गया, जिससे समुदायों/समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा मिला. भड़काऊ बयान भी दिए गए. जोकि IPC की धारा 121,153A, 505 और 34 तहत अपराध की क्षेणी में आता है.

खरगे ने एकसाथ किए थे 4 ट्वीट 

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को निमंत्रण नहीं दिए जाने को लेकर सरकार पर हमला बोला था. मल्लिकार्जुन खरगे ने एक के बाद एक 4 ट्वीट कर सरकार को घेरा और कहा कि ऐसा लगता है कि मोदी सरकार दलित और जनजातीय समुदायों से राष्ट्रपति केवल चुनावी वजहों से बनाती है. खरगे ने कहा कि जब शिलान्यास हुआ था तब तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को निमंत्रण नहीं दिया गया था. अब उद्घाटन के कार्यक्रम में द्रौपदी मुर्मू को निमंत्रण नहीं दिया गया है.

केजरीवाल ने कही थी ये बात

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की प्रथम नागरिक हैं. वह अकेले सरकार और विपक्ष के साथ ही हर नागरिक का प्रतिनिधित्व करती हैं. उन्होंने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति करतीं तो ये लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सरकार के कमिटमेंट का प्रतीक होता. वहीं सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि दलित समाज पूछ रहा है कि क्या उन्हें अशुभ मानते हैं, इसलिए नहीं बुलाते? आम आदमी पार्टी के स्तर पर भी इस मामले में बीजेपी और मोदी सरकार पर सवाल दागे गए हैं.

'दलित-आदिवासी विरोधी है BJP'

सीएम केजरीवाल ने मोदी सरकार पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अपमान का आरोप भी लगाया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि राम मंदिर के शिलान्यास पर भी तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को नहीं बुलाया गया था. न ही नई संसद के शिलान्यास कार्यक्रम में ही उन्हें बुलाया गया. वहीं, नए संसद भवन के उद्घाटन को भी मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों से नहीं करवाया जा रहा है.

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