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6 April 2023: दिन की पांच बड़ी ख़बरें 'Top 5 News Of The Day

 1. 'BJP 2024 का चुनाव जीत रही,  भाजपा के स्थापना दिवस पर PM Modi ने कही बड़ी बातें


भाजपा (BJP) आज यानी 6 अप्रैल को देशभर में अपना स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर पार्टी मुख्यालय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ध्वजारोहण किया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भाजपा भारत को भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से मुक्त करने के लिए कड़े कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। 2024 में फिर भाजपा सरकार
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी को जमकर घेरा। इस बीच, उन्होंने कहा कि भाजपा 2024 का चुनाव जीत रही है और इसको लेकर लोग पहले ही अपनी दिल की बात कहने लगे हैं।
पीएम ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने के बावजूद, हमें आत्मसंतुष्ट होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सच कि भाजपा फिर सरकार बनाएगी, लेकिन कार्यकर्ताओं के रूप में हमें देश के हर नागरिक का दिल जीतना है।

कांग्रेस पर साधा निशाना
पीएम ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बादशाही मानसिकता वाले लोग गरीबों का अपमान करने का कोई जरिया नहीं छोड़ते थे, लेकिन 2014 के बाद से ये सभी लोग अब खराब स्थिति में हैं।
भाजपा के 44वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए, मोदी ने कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों की आलोचना की। उन्होंने विपक्षी दलों पर भाई-भतीजावाद, वंशवाद, जातिवाद और क्षेत्रवाद से बंधे होने का आरोप लगाया।

भाजपा का एक ही मंत्र
पीएम ने अपने भाषण में आगे कहा कि भाजपा का सरकार चलाने का एक ही मंत्र है और वो है सभी को साथ लेकर चलने की संस्कृति।
इस बीच कार्यक्रम की शुरुआत में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाजपा के चुनावी चिह्न 'कमल' को पेंटिंग के जरिए दर्शाया।

भगवान हनुमान की तरह करेंगे काम
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हनुमान जन्मोत्सव है और जिस तरह भगवान हनुमान ने राक्षसों का जमकर मुकाबला किया, उसी तरह सरकार भी देश को भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निजात दिलाने के लिए सख्ती से काम करेगी।


2. दिल्ली प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में 258 सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन 7 अप्रैल तक

दिल्ली सरकार के विभागों में सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अलर्ट। दिल्ली सरकार के प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में 250 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) द्वारा आमंत्रित किए जा रहे हैं। बोर्ड द्वारा 24 फरवरी को जारी विज्ञापन (सं.01/2023) के अनुसार वर्कशॉप अटेंडेट, वर्कशॉप कैलकुलेशन एण्ड साइंस इंस्ट्रक्टर, इंप्लॉएबिलिटी स्किल्स इंसस्ट्रक्टर, क्राफ्ट्स इंस्ट्र्क्टर (विभिन्न ट्रेड), आदि के कुल 258 पदों पर भर्ती की जानी है। इन पदों के लिए चल रही आवेदन प्रक्रिया शुक्रवार, 7 अप्रैल 2023 को समाप्त होने जा रही है।DSSSB Recruitment: कहां और कैसे करें आवेदन?

डीएसएसएसबी द्वारा दिल्ली प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए विज्ञापित ग्रुप बी और ग्रुप सी पदों के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट, dsssb.delhi.gov.in पर कैरियर सेक्शन में एक्टिव लिंक या नीचे दिए डायरेक्ट लिंक से भर्ती विज्ञापन डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं, आवेदन के लिए उम्मीदवार को डीएसएसएसबी के आधिकारिक अप्लीकेशन पोर्टल, dsssbonline.nic.in पर जाना होगा। इस पोर्टल पर उम्मीदवारों को पहले पंजीकरण करना होगा और फिर पंजीकृत विवरणों से लॉग-इन करके उम्मीदवार सम्बन्धित पद के लिए अपना अप्लीकेशन सबमिट कर सकेंते। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को 100 रुपये के शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से करना होगा। उम्मीदवारों को अपना आवेदन 7 अप्रैल की रात 11.59 बजे तक सबमिट करना होगा।

3.इन देशों के लोग नहीं कर पाएंगे ChatGPT का इस्तेमाल, जानिए क्यों किया जा रहा बैन 

ChatGPT ने दुनियाभर में तहलका मचाया हुआ है. कई लोग ChatGPT से अपना काम आसान कर रहे हैं तो कई लोगों को इससे खौफ है. लोगों को डर है कि कहीं AI इंसानों पर हावी न हो जाए. इसके साथ ही, कई लोग प्राइवेसी से जुड़ी समस्याओं का हवाला भी दे रहे हैं. इटली में डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने हाल ही में प्राइवेसी संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए OpenAI के वायरल AI चैटबॉट चैटजीपीटी पर बैन लगा दिया है. ओपनएआई यूजर्स को दूसरे यूजर्स की चैटबॉट से बातचीत के टाइटल को देखने की अनुमति देता है, जो प्राइवेसी के लिहाज से बिलकुल ठीक नहीं है.

हालांकि, इटली एकमात्र ऐसा देश नहीं है जिसने AI  चैटबॉट ChatGPT पर बैन लगाया है. इससे पहले, इटली, उत्तर कोरिया, ईरान, रूस और चीन ने विभिन्न कारण बताते हुए Open AI के AI टूल को अपनी अपने देश से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. आइए उन सभी देशों पर एक नज़र डालते हैं, जहां चैटजीपीटी नहीं चलता है.

इन देशों में बैन है ChatGPT 

चीन 

चीन को चिंता है कि अमेरिका फेक इन्फॉर्मेशन फैलाने और वैश्विक नेरेटिव्स को इनफ्लुएंस करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर सकता है. विदेशी वेबसाइटों और एप्लिकेशन के खिलाफ अपने सख्त नियमों के चलते चीन ने चैटजीपीटी पर बैन लगा दिया है. 

रूस

रूस चैटजीपीटी के दुरुपयोग को लेकर चिंतित है. इसके अलावा, दूसरी तरफ रूस के पश्चिमी देशों से रिश्ते ठीक नहीं हैं. ऐसे में, वह चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म को अपने देश में किसी नैरेटिव के जरिए लोगों को भड़काने की इजाजत नहीं देगा. इस वजह से दुनिया के सबसे बड़े देश में भी चैटजीपीटी की सर्विस अवेलेबल नहीं हैईरान

ईरान अपने सख्त सेंसरशिप नियमों के लिए जाना जाता है. यहां की सरकार कई वेबसाइटों और सर्विस के एक्सेस पर  कड़ी नजर रखती है और फिल्टर करती है. इसके अलावा, परमाणु समझौते को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच संबंध बिगड़ चुके हैं. इस तरह के तमाम राजनीतिक तनाव के बाद अमेरिका का एआई चैटबॉट ईरान में भी बैन है.

उत्तर कोरिया

उत्तर कोरिया में, किम जोंग-उन की सरकार ने इंटरनेट के इस्तेमाल को काफी रिस्ट्रिक्ट किया हुआ है. यहां की सरकार अपने नागरिकों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर बारीकी से नजर रखती है. इतनी सख्ती को देखते हुए यह को आश्चर्य की बात नहीं है कि उत्तर कोरियाई सरकार ने चैटजीपीटी के इस्तेमाल पर क्यों रोक लगा रखी है.

क्यूबा

क्यूबा में भी, इंटरनेट का इस्तेमाल सीमित है और सरकार  सख्ती से इंटरनेट एक्टिविटी को कंट्रोल करती है. इस वजह से यहां पर OpenAI के चैटबॉट ChatGPT सहित कई वेबसाइटें बैन हैं.

सीरिया

सीरिया में भी सख्त इंटरनेट सेंसरशिप कानून हैं, सरकार इंटरनेट ट्रैफिक पर भारी निगरानी करती है. यहां की सरकार भी यूजर्स को कई वेबसाइटों और सर्विस के एक्सेस से रोकती है. इसी कारण से चैटजीपीटी भी यहां उपलब्ध नहीं है. देश पहले से ही गलत इन्फो की वजह से कई दिक्कतों का सामना कर रहा है. अब यह अपने जोखिम को और बढ़ाना नहीं चाहता है. 

4. बदल जाएगी भारतीय न्याय व्यवस्था, '7 हजार करोड़ से बनेंगी E-Courts'

कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के प्लैटिनम जुबली कार्यक्रम में बुधवार (5 अप्रैल) को केंद्र के न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने और इसके लिए अपने पूरे समर्थन की बात कही. केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ई-कोर्ट्स की ओर ध्यान दे रही है, जिससे लंबित मामलों को खत्म करने में आसानी होगी.

किरेन रिजिजू ने कहा कि इस साल केंद्र सरकार ने ई-कोर्ट्स के लिए 7 हजार करोड़ के बजट को स्वीकार किया है. मुझे विश्वास है और कहता हूं कि ये फैसला असल मायनों में भारतीय न्याय व्यवस्था को बदल कर रख देगा. उन्होंने कहा कि भारतीय न्यापालिका को डिजिटल और पेपरलेस बनाना हमारा लक्ष्य है. जब देश बहुत ज्यादा लंबित मुकदमों के भार को महसूस कर रहा है, हमारे पास इसके हल के लिए तकनीक की ओर देखने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है.कानून का राज बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है भारत सरकार - किरेन रिजिजू

केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि अपनी मौजूदगी के 75 साल का जश्न मनाना गुवाहाटी हाईकोर्ट के लिए गर्व की बात है. यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी साल देश अपनी आजादी के 75 साल का अमृतमहोत्सव मना रहा है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार कानून का राज बनाए रखने और न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि हम हमेशा भारतीय न्याय व्यवस्था की जरूरतों के समर्थन में खड़े रहेंगे. 

रिजिजू हुए थे आलोचना का शिकार

बीते दिनों एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कुछ रिटायर्ड जजों पर टिप्पणी की थी. जिसे लेकर वो लगातार आलोचना का शिकार हो रहे थे. रिजिजू ने कहा था कि कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीश, एक्टिविस्ट भारत विरोधी गिरोह का हिस्सा हैं और भारतीय न्यायपालिका को विपक्ष की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं.

उनके इस बयान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के एक समूह ने निंदा की थी. इसी के साथ रिजिजू को इस टिप्पणी के लिए विपक्षी दलों की ओर से भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. हालांकि, उन्हें कुछ वकीलों का समर्थन भी मिला था. जिसका ट्वीट उन्होंने शेयर किया था.

5. जानलेवा बीमारियों का पता लगाकर आपकी जिंदगी बचाते हैं ये 6 टेस्ट, बेहद सस्ते हैं

7 अप्रैल...एक ऐसा दिन जब दुनियाभर के लोग सेहत को लेकर एक-दूसरे को अवेयर करते हैं. इस दिन विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day) मनाया जाता है. इस साल वर्ल्ड हेल्थ डे 'Health for All' थीम पर मनाया जा रहा है. 75 साल पहले 7 अप्रैल, 1948  को ही वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की स्थापना हुई थी. इसलिए इस दिन दुनियाभर में हेल्थ को लेकर लोगों को जागरूक किया जाता है.

बीमारियों के इलाज में टेस्ट का रोल

आज दुनियाभर के लोग तमाम तरह की बीमारियों से जूझ रहे हैं. कुछ बीमारियों के लक्षण पहले ही दिख जाते हैं और उनका इलाज हो जाता है, जबकि कुछ ऐसी भी बीमारियां हैं, जिनका इलाज ही नहीं हो पाता है. वर्ल्ड हेल्थ डे के अवसर पर आज हम इस आर्टिकल में आपको कुछ ऐसे मेडिकल हेल्थ टेस्ट (Medical Health Test) के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से कैंसर, डायबिटीज, हार्ट अटैक जैसी जानलेवा बीमारियां का पता लगाकर समय पर इलाज कराया जा सकता है.

6 टेस्ट में पता चल जाएंगी जानलेवा बीमारियां

बेसिक मेटाबोलिक पैनल (BMP)

एक हेल्थ वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस टेस्ट से ब्लड में 8 कंपाउंड्स कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम, बाइकार्बोनेट, क्लोराइड, ब्लड यूरिक नाइट्रोजन और क्रिएटिनिन का पता लगाया जा सकता है. इस टेस्ट की हेल्प से डायबिटीज से लेकर किडनी और हॉर्मोन असंतुलन तक का पता चलता है.

कंप्रिहेंसिव मेटाबोलिक पैनल (CMP)

मेटाबॉलिक पैनल से जुड़ी समस्याओं का पता लगाने के लिए इस टेस्ट की हेल्प ली जाती है. प्रोटीन, एल्कलाइन फॉस्फेट, बिलीरुबिन, डायबिटीज, किडनी, सिरोसिस, कैंसर, हार्मोन इंबैलेंस, लीवर डैमेज, पित्त की रुकावट, हार्ट कंडिशन और पित्त पथरी का पता लगाया जा सकता है.इस टेस्ट से कैंसर का पता भी लगाया जा सकता है. हालांकि इसके लिए कुछ और टेस्ट किए जाते हैं.

लिपिड पैनल (Lipid Panel)

एक मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से हार्ट इंफेक्शन और उससे जुड़ी समस्याओं का पता लगाया जा सकता है. इसकी मदद से प्लड में प्रोटीन और अन्य कंपाउंड्स का पता लगाया जाता है. कोलेस्ट्रॉल लेवल और गुड-बैड कोलेस्ट्रॉल का पता भी इसी टेस्ट से चलता है. 

कम्पलीट ब्लड काउंट (Complete Blood Count CBC)

इस टेस्ट से ब्लड की प्रमुख कोशिकाओं के 10 अलग-अलग घटकों के लेवल का जांच होती है. इसमें रेड ब्लड सेल्स, वाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स शामिल है. हीमोग्लोबिन और हेमेटोक्रिट का भी पता इसी टेस्ट से लगाया जाता है.

थायराइड पैनल (Thyroid panel)

इसे थायरॉयड फंक्शन टेस्ट भी कहते हैं. थायरॉयड का उत्पादन कितनी अच्छी तरह हो रहा है, इस टेस्ट से पता चलता है. इसमें T3-T4 और TSH का पता भी चलता है.

सेक्सुअल ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन (STIs)

इस टेस्ट में ब्लड सैंपल लेकर सेक्सुअल इंफेक्शन (STI) का पता लगाया जा सकता है. सटीक जानकारी के लिए अक्सर यूरीन के सैंपल से इंफेक्टेड टिशूज के स्वैब लिए जाते हैं. इससे HIV, क्लैमाइडिया, हरपीज और सिफिलिश का पता लगाया जाता है.


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