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15 May 2023: दिन की पांच बड़ी ख़बरें 'Top 5 News Of The Day

 1.ChatGPT vs Google Bard: एक-दूसरे से कितने अलग? कौन किस पर भारी


बीते साल ही अमेरिका की एआई स्टार्टअप कंपनी ओपनएआई ने इंसानों जैसे बात करने वाले चैटबॉट मॉडल चैटजीपीटी को पेश किया। यह अपनी तरह का पहला मॉडल था, जो ह्यूमन-लाइक टेक्स्ट जनरेट करने की खूबी से यूजर्स को लुभा रहा था।

हालांकि, समय के साथ जहां एक ओर चैटजीपीटी की लोकप्रियता बढ़ने लगी, वहीं बड़ी टेक कंपनियों माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और गूगल का ध्यान भी इस टेक्नोलॉजी की ओर आया। वर्तमान में चैटजीपीटी एक अकेला ऐसा एआई मॉडल नहीं है, जो इंसानों का काम आसान बना रहा है।

इस कड़ी में गूगल के बार्ड की भी एंट्री हो चुकी है। बार्ड को इस बार कई बड़े सुधार और खूबियों के साथ लाया गया है।इस आर्टिकल में आपको बार्ड की उन खूबियों को बता रहे हैं जो ओपनएआई के चैटजीपीटी से इसे अलग बनाती हैं-

फोन पर चैटजीपीटी तो नहीं, लेकिन मिलेगा बार्ड

चैटजीपीटी की बढ़ती लोकप्रियता के बाद भी इस मॉडल का अभी तक वेब वर्जन ही मिलता है। चैटजीपीटी को स्मार्टफोन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, जबकि यूजर्स की सुविधा के लिए बार्ड मोबाइल वर्जन के साथ भी आता है।

टेक्स्ट के साथ इमेज का भी जवाब देता है बार्ड

चैटजीपीटी की बात करें तो यह एआई मॉडल टेक्स्ट के रूप में ही सवालों के जवाब देता है। दूसरी ओर बेहतर जवाबों के लिए बार्ड में यूजर को टेक्स्ट के साथ इमेज की सुविधा भी मिलती है।

इमेज-वॉइस के जरिए भी पूछिए सवाल

गूगल बार्ड के एडवांस फीचर की मदद से यूजर इमेज और वॉइस के जरिए भी सवाल पूछ सकेगा। हालांकि, यह फीचर भविष्य में लाया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर चैटजीपीटी इमेज और वॉइस जनरेट करने की खूबी के साथ नहीं आता है।

जवाबों को सहेज कर रखने की मिल रही सुविधा

गूगल बार्ड का इस्तेमाल भारत में भी किया जा रहा है। बार्ड को इस्तेमाल करने के साथ ही बार्ड में जवाबों को कॉपी कर सेव करने की सुविधा मिलती है।

इन जवाबों को जीमेल या डॉक्स में रखा जा सकता है। वहीं चैटजीपीटी में बाय-डिफॉल्ट ऐसी सुविधा नहीं मिलती।

यूजर की प्रोफेशनल लाइफ होगी आसान

भविष्य में बार्ड को जीमेल में इंटीग्रेट किया जा सकता है। ऐसे में स्पैम, मेल सेंड और रिसीव करने में एआई यूजर की मदद प्रोफेशनल कामों में भी कर सकेगा। वहीं दूसरी ओर चैटजीपीटी का इस्तेमाल केवल वेबसाइट तक ही सीमित है।

कोडिंग में भी मददगार

बार्ड को 20 से ज्यादा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सपोर्ट के साथ लाया गया है। ऐसे में यूजर को C++, Python, Java, TypeScript, JavaScript जैसी लैंग्वेज के साथ काम करने में भी सहूलियत मिलेगी। हालांकि, चैटजीपीटी इतनी लैंग्वेज सपोर्ट के साथ नहीं आता। 

इंटरनेट का इस्तेमाल

गूगल बार्ड में इंटरनेट एक्सेस करने की सुविधा मिलती है। इस मॉडल में जवाबों को ज्यादा इन्फोर्मेटिव बनाने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल होता है। वहीं दूसरी ओर ओपनएआई में इंटरनेट एक्सेस की सुविधा नहीं मिलती है। इसके लिए वेब ब्राउजिंग फीचर का एक्सेस अलग से होना जरूरी है।

2. 18 करोड़ में हुई थी आर्यन खान केस की डील, 50 लाख का एडवांस पेमेंट

आर्यन खान केस मामले में एनसीबी के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं. नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के मुंबई जोन के पूर्व डायरेक्टर के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है. इसमें समीर वानखेड़े के खिलाफ अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को नहीं फंसाने के बदले में 25 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है. एफआईआर की कॉपी के मुताबिक समीर वानखेड़े के इशारे पर गोसावी ने आर्यन खान मामले में 25 करोड़ की मांग की थी. इस रकम के बदले भरोसा दिया गया कि आर्यन खान को ड्रग मामले में नहीं फंसाया जाएगा. 

वानखेड़े के लिए गोसावी कर रहा था डील

एफआईआर की कॉपी के अनुसार, समीर वानखेड़े ने डील के लिए पैसों के मामले में गोसावी को पूरी छूट दे रखी थी. गोसावी ने 18 करोड़ में डील पक्की की थी. यही नहीं, गोसावी ने 50 लाख रुपये पेशगी के तौर पर लिए भी थे. 

एफआईआर के अनुसार, जांच में समीर वानखेड़े ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में भी सही जानकारी नहीं दी थी. उन्होंने अपनी महंगी घड़ी, कपड़ों के बारे में भी सही नहीं बताया था. समीर वानखेड़े के पास आय से अधिक संपत्ति की भी बात प्राथमिकी में कही गई है.

सीबीआई ने डाला था वानखेड़े के घर पर छापा

12 मई को सीबीआई ने समीर वानखेड़े के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके परिसरों पर छापेमारी की थी. सीबीआई की टीम ने वानखेड़े के मुंबई स्थित घर पर 13 घंटे से ज्यादा पूछताछ की थी. सीबीआई अधिकारी वानखड़े के पिता, सास-ससुर और बहन के घर भी पहुंचे थे.

3.GST: अब बैंकिंग ट्रांजेक्शन पर भी जीएसटी डिपार्टमेंट की नजर, जानें क्या है सरकार की तैयारी


गूड एंड सर्विस टैक्स अथॉरिटी अब रीयल टाइम एक्सेस के लिए टैक्सपेयर्स के बैंकिंग ट्रांजेक्शन पर नजर रख रही है. इसका मतलब है कि बिजनेस सेक्शन द्वारा फेक इनवाइस की पहचान और इनपुट टैक्स क्रेडिट इनपुट के यूज की जानकारी की जा सकेगी. हाल ही में जीएसटी डिपॉर्टमेंट से जांच में खुलासा हुआ है कि फेक इनवाइस के जरिए अनुचित टैक्स क्रेडिट हवाला लेनदेन के लिए यूज किया जा रहा है. 

कई मामलों में पाया गया है कि कई ट्रांजेक्शन के माध्यम से नकली फेक इनवाइस बनाने वाले व्यक्ति के पास आखिरी ट्रांजेक्शन में पैसा वापस आ रहा है. शेल कंपनियां भी फर्जी बिलों के जरिए पैसो का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों में मनी ट्रेल महत्वपूर्ण है. 

एक बिजनेस में कई अकाउंट 

जीएसटी रजिस्ट्रेशन के दौरान टैक्सपेयर्स केवल एक बैंक खाते का विवरण देता है और एक व्यवसाय कई खातों का उपयोग कर सकता है. मौजूदा समय में बैंकिंग ट्रांजेक्शन का डेटा भी प्राप्त करना मुश्किल है. एफई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जब डिटेल दी जाती है तब तक फर्जी चालान बनाने वाली कंपनी या व्यक्ति पहले ही गायब हो जाते हैं. ऐसे में जीएसटी अधिकारी अब बैंकिंग लेनदेन पर तेजी से डेटा पाना चाहते हैं.  

टैक्स चोरी पर अंकुश लगाने की तैयारी 

अभी टैक्स चोरी पर नजर रखने के लिए आयकर विभाग को हाई प्राइस ट्रांजेक्शन, संदिग्ध लेनदेन के साथ-साथ एक निश्चित सीमा से ज्यादा कैश जमा पर डेटा प्राप्त होता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि फेक इनवाइस को रोकने के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) द्वारा भी मुद्दा उठाया जा चुका है ताकि टैक्स चोरी पर अंकुश लगाया जा सके. रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी आरबीआई से इसपर विचार और विमर्श की आवश्यकता है. 

4. बीयर के साथ भूल से भी न खाएं ये 5 चीजें, किडनी में पथरी के साथ कैंसर का भी है खतरा!

गर्मियों में ठंडी बियर की मांग बढ़ जाती है. जिन लोगों को बियर पीना काफी ज्यादा पसंद होता है उनके लिए इस चिलचिलाती गर्मी में बियर से बढ़िया ऑप्शन और कुछ नहीं है. आजकल की यंग जेनरेशन वीकेंड पार्टी खूब मजे से बियर पीते हैं. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बियर हो या दूसरी तरह कि कोई भी शराब वो सेहत के लिए नुकसानदायक ही होता है. बेशक पीने वाले लोगों को चिल्ड बियर आत्मा को शांति देती है. इसका हल्का-हल्का नशा काफी सही लगता है. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक है.

बियर, व्हिस्की हो या दूसरे तरह के नशीली पदार्थ यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदाय होते हैं. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बियर के साथ इन चीजों को खाने से शरीर पर इसके साइडइफेक्ट्स भी हो सकते हैं. इसलिए बियर के साथ इन चीजों को नहीं खाना चाहिए. 

तेंदू

तेंदू फल में टैनिक एसिड काफी ज्यादा होता है. इसे बियर के साथ भूल से भी न खाएं.नहीं तो आपके पेट में पथरी भी हो सकता है. सिर्फ शराब के साथ ही नहीं बल्कि बियर को किसी भी तरह के हाई प्रोटीन खाने से बचना चाहिए नहीं तो गंभीर नुकसान हो सकता है. 

बेकन

बेकन में नाइट्रोसामाइन भरपूर मात्रा में होती है. दूसरी तरफ शराब में भी इसकी मात्रा अधिक होती है. यही कारण है कि बियर और बेकन का कॉम्बिनेशन गले और पेट के कैंसर का खतरा बढ़ता है. 

टमाटर

टमाटर खट्टा होता है क्योंकि इसमें टैनिक एसिड की मात्रा काफी अधिक होती है. खट्टे टमाटर को बियर या शराब के साथ खाने से बचना चाहिए नहीं इससे आपको बैचेनी और उल्टी हो सकती है. 

गाजर

बहुत से लोग बियर के साथ सलाद खाना पसंद करते हैं. जब भी आप ड्रिंक का प्लान कर रहे हैं तो बियर के साथ सलाद खाने से बचिए. शराब और गाजर का कॉम्बिनेशन लिवर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. 

बीन्स

खाने में बीन्स या दाल से बनी कोई चीज है तो बियर के साथ इसे खाने से बचना चाहिए. इन्हें बियर के साथ भूल से भी नहीं खाना या पीना चाहिए. बीन्स में आयरन ज्यादा होता है. बियर के साथ इसे लेने से शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. 

5.सीक्रेट पर्ची बताएगी कौन होगा कर्नाटक का CM

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल करने के बाद अभी तक कांग्रेस मुख्यमंत्री के नाम को लेकर फैसला नहीं कर पाई है. रविवार (14 मई) को सीएम के नाम को लेकर दिन भर मंथन चलता रहा. आखिरकार राज्य का अगला सीएम चुनने का अधिकार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ऊपर छोड़ दिया गया. 

रविवार शाम को बेंगलुरु में विधायक दल की बैठक हुई, जो देर रात तक चली. बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अगला सीएम चुनने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दिया गया. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल और तीन केंद्रीय पर्यवेक्षक मौजूद रहे.

विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के चुने हुए सभी 135 विधायकों ने हिस्सा लिया. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे, पार्टी नेता जितेंद्र सिंह और दीपक बावरिया केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहे. इसके साथ ही सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार, वेणुगोपाल, जयराम रमेश और अन्य ने बैठक में हिस्सा लिया.

राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार का नाम सबसे आगे चल रहा है. दोनों नेताओं के सोमवार को दिल्ली में रहने की उम्मीद है. यहां उनके सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की उम्मीद है.

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि खरगे ज्यादा समय नहीं लगाएंगे और जल्द ही कर्नाटक के सीएम के नाम का ऐलान होगा. 15 मई को ही डीके शिवकुमार का जन्मदिन भी है. ऐसे में जब सुरजेवाला से पूछा गया कि क्या कोई गिफ्ट देने की तैयारी है तो उन्होंने कहा, एआईसीसी महासचिव के रूप में मैं उस मामले में नहीं हूं. मैं एक सामान्य कांग्रेस कार्यकर्ता हूं, जो अपने सभी विधायकों के साथ खड़ा है. हम साथ बैठे और कर्नाटक के भविष्य को लेकर योजना बनाई जो ज्यादा जरूरी है.

कर्नाटक के सीएम की रेस में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया का नाम आगे चल रहा है. इसके साथ ही एचके पाटिल और जी परमेश्वर का नाम भी रेस में शामिल है.


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