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7 March 2023: दिन की पांच बड़ी ख़बरें 'Top 5 News Of The

 1. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में विस्फोट से 7 लोगों की मौत, 70 से अधिक लोग घायल 

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मंगलवार दोपहर को हुए विस्फोट में 7 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, यह ब्लास्ट एक इमारत में हुआ. जहां राहत और बचाव कार्य जारी है. अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है. घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

2.रवींद्र जडेजा ICC प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए हुए नॉमिनेट

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी और मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट रैंकिंग के नंबर 1 ऑलराउंडर खिलाड़ी रवींद्र जडेजा को फरवरी महीने के लिए आईसीसी ने प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए घोषित नामों में नॉमिनेट किया है. इस लिस्ट में जिन 3 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है उसमें जडेजा के अलावा इंग्लैंड टीम के बल्लेबाज हैरी ब्रूक और वेस्टइंडीज के गेंदबाज गुडाकेश मोती भी शामिल हैं.रवींद्र जडेजा ने पिछले महीने ही लंबे समय के तक मैदान से दूर रहने के बाद फरवरी महीने में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हुई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से वापसी की थी. जडेजा ने मैदान पर वापसी करने के साथ ही अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से ही शानदार प्रदर्शन अब तक दिखाया है. इस टेस्ट सीरीज के शुरुआती 3 मैचों में अब तक जडेजा 21 विकेट हासिल कर चुके हैं, जिसमें 17 विकेट फरवरी महीने में खेले गए शुरुआती 2 मुकाबलों में ही आए थे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी दिया गया था.

नॉमिनेट किए गए खिलाड़ियों में दूसरे नंबर पर इंग्लैंड टीम के युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक हैं जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया था. ब्रूक ने 2 मैचों में 1 शतक और 2 अर्धशतकीय पारियों के दम पर कुल 229 रन बनाए थे.

महिलाओं में इन 3 खिलाड़ियों को किया गया नॉमिनेट

आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए फरवरी 2023 महीने में जिन 3 महिला खिलाड़ियों को नॉमिनेट किया गया है उसमें आईसीसी महिला टी20 नंबर 1 प्लेयर एश्ले गार्डनर जिनका हाल में ही खत्म हुए टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला था. इसके अलावा इंग्लैंड महिला टीम की ऑलराउंडर खिलाड़ी नेट साइवर ब्रंट और साउथ अफ्रीका महिला टीम की खिलाड़ी लौरा वोल्वार्ड्ट को नॉमिनेट किया गया है.

3. सब्जी बेचने वाले के खाते में आए 172 करोड़ रुपये, आयकर विभाग ने भेजा नोटिस

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से सभी को हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है. इसकी जानकारी जिसे भी हो रही है, वह हैरत में पड़ गया है. दरअसल गाजीपुर में एक सब्जी बेचने वाले के बैंक खाते में किसी ने 172.81 करोड़ों रुपए ट्रांसफर कर दिए हैं. जिसके कारण अब यह सब्जी वाला आयकर विभाग के रडार पर आ गया है. जानकारी के अनुसार खाते में 172 करोड़ से ज्यादा की रकम एक साथ आने पर आयकर विभाग ने किसान को इनकम टैक्स नहीं देने का नोटिस दिया है.मिल रही जानकारी के अनुसार जिस सब्जी बेचने वाले के बैंक खाते में 172 करोड़ से ज्यादा की रकम जमा की गई है, उसका नाम विनोद रस्तोगी बताया जा रहा है. वहीं इस पूरे मामले में विनोद रस्तोगी की ओर से कहा गया है कि उसे इसकी कोई जानकारी नहीं है. विनोद रस्तोगी के अनुसार उनके डाक्यूमेंट्स का इस्तेमाल कर किसे ने फर्जी अकाउंट बनाकर इस तरह की हेरफेर की है.

सब्जी बेचने वाले के खाते में 172 करोड़

बताया जा रहा है कि जब विनोद रस्तोगी को यूनियन बैंक में उनके एक खाते में 172.81 करोड़ रुपए पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं देने पर वाराणसी सर्किल के इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस मिला, तब वह इस मामले में जानकारी लेने इनकम टैक्स के ऑफिस पहुंचे. जहां उन्हें जानकारी हुई कि आयकर विभाग की ओर से जिस बैंक खाते के लिए उन्हें नोटिस भेजा गया है, उसे तो उन्होंने खोला ही नहीं है.

सही जांच का जताया भरोसा

फिलहाल इस मामले की जानकारी होने के बाद आयकर विभाग की ओर से विनोद रस्तोगी को भरोसा दिलाया गया है कि वह इस मामले की तह तक जाकर जांच करेंगे. वहीं बताया जा रहा है कि आयकर विभाग का यह नोटिस विनोद रस्तोगी को मिलने के बाद वह सीधे स्थानीय पुलिस के पास गया था. जहां से उसे साइबर सेल भेजा गया था. फिलहाल इस तरह का मामला सामने आने के बाद हर कोई हैरान रह गया है.

4. रघुराम राजन के Hindu Growth Rate वाले बयान का SBI ने किया खंडन

पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन की ओर से 'हिन्दू ग्रोथ रेट' को लेकर दिए गए बयान को एसबीआई रिसर्च द्वारा दुर्भावनापूर्ण, पक्षपातपूर्ण और अपरिपक्व बताया गया है। देश के सबसे बड़े बैंक का कहा कि भारत 'हिन्दू ग्रोथ रेट' की तरफ बढ़ रहा है। ऐसा कहना निवेश और बचत के डाटा को देखते हुए सरासर गलत है। बता दें, हिन्दू ग्रोथ रेट शब्द 1970 के दशक में लोकप्रिय हुआ। इसका हिन्दू धर्म के साथ कोई लेना देना नहीं है। 1947 में अंग्रेजों से आजादी बाद भारत की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। सरकार द्वारा कई कदम उठाने के बावजूद भी अर्थव्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही थी। ग्रोथ रेट काफी कम थी और 3.5 से 4 प्रतिशत के बीच ही रहती थी। 1947-80 के बीच की इस धीमी ग्रोथ रेट को ही अर्थशास्त्री राज कृष्ण की ओर से हिन्दू ग्रोथ रेट कहा गया।

रघुराम राजन ने दिया था बयान

बता दें , कुछ दिनों पहले मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा था कि भारत की ग्रोथ रेट अर्थशास्त्री राज कृष्ण की ओर से दिए गए शब्द हिन्दू ग्रोथ रेट के करीब आ रही है।

एसबीआई बयान को बताया अपरिपक्व

एसबीआई ने इकोरैप रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की जीडीपी की तिमाही विकास में गिरावट का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। चुनिंदा तिमाहियों के आधार पर यह तर्क दिया जाना कि भारत हिन्दू ग्रोथ रेट (3.5-4 प्रतिशत) की ओर जा रहा है। निवेश और बचत के डाटा से देखते हुए यह दुर्भावनापूर्ण, पक्षपातपूर्ण और अपरिपक्व बयान है।

एसबीआई रिसर्च द्वारा बताया कि ICOR में तेजी से वृद्धि हो रही है। ICOR किसी प्रोडक्ट की एक अतिरिक्त इकाई का उत्पादन करने के लिए आवश्यक पूंजी निवेश की अतिरिक्त इकाइयों को मापता है, जो कि वित्त वर्ष 2012 में 7.5 प्रतिशत था और वित्त वर्ष 22 में केवल 3.5 प्रतिशत रह गया है। इसका मतलब यह है कि उत्पादन की अगली इकाई के लिए अब केवल आधी पूंजी की आवश्यकता है। अर्थव्यवस्था भी 7 प्रतिशत की तेजी से वृद्धि जो कि मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से एक अच्छा आंकड़ा है।

5. क्या युवाओं में अचानक मौतों का है कोरोना कनेक्शन?

अगर आप युवा हैं और कोरोना (Corona Virus) के घातक वायरस की चपेट में आ चुके हैं, तो आपको अपनी सेहत को लेकर काफी सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल सेहत से जुड़ी एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग करोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं, उन लोगों में अचानक हार्ट अटैक से मौत का खतरा सबसे ज्यादा है। ऐसे में मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। दिल्ली के कुछ अस्पतालों में 10 से 15% की बढ़ोतरी देखी गई है। यह चौंकाने वाली जानकारी हाल ही में एक अमेरिकी रिसर्च के बाद सामने आई है। रिसर्च के मुताबिक, कोरोना वायरस से पीड़ित हो चुके लोगों में कार्डियक अरेस्ट, स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा है। हालाकि भारत सरकार की ओर से इस बाबत कोई डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया है।मैक्स अस्पताल, साकेत में कार्डियक विभाग के डायरेक्टर डॉ बलबीर सिंह ने बताया कि अचानक हार्ट अटैक से मरने वाले लोगों में 20 साल के युवा भी शामिल हैं। ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी और रिसर्च और स्टडी की जरूरत है। कोरोना से पहले देश में 50 साल से कम आयु वर्ग के लोग 15 फीसदी लोग ही अचानक हार्ट अटैक की चपेट में आते थे, लेकिन अब 24 फीसदी तक ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो गई है।AIIMS के प्रोफेसर राकेश यादव के अनुसार, ऐसे मामलों के मात्रात्मक डेटा (Quantifiable Data) नहीं है, लेकिन ऐसे मामलों में कम से कम 10-15% की बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग कोविड से संक्रमित थे, उन्हें अपनी उम्र या फिटनेस की परवाह किए बिना सांस फूलने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी एंड इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, नारायण हॉस्पिटल, डॉ. संजय कुमार चुग ने कहा कि युवाओं में कार्डियक अरेस्ट के कारण होने वाली मौतों में वृद्धि वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन से संबंधित असामान्यता के कारण हुई है। उन्होंने कहा, 'ऐसे मामलों में दिल प्रभावी ढंग से धड़कना बंद कर देता है और अचानक से मौत हो जाती है। उन्होंने कहा, 'कई युवा डॉक्टरों को एससीडी का सामना करना पड़ा है।'दिल्ली के धर्मशीला नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. नवनीत सूद ने कहा कि कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कोविड-19 के कई मामलों में सूजन के कारण शरीर के कुछ हिस्सों में क्लॉटिंग बढ़ गई है। कोविड मरीजों में ये रक्त के थक्के फेफड़े और हार्ट के अंदर हो सकते हैं। थक्के फेफड़ों में जा सकते हैं, जो शरीर खून के बहाव को प्रभावित कर सकते हैं और फेफड़ों की क्षमता को कम कर सकते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि चिंता की बात इसलिए है कि क्योंकि जिन लोगों की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो रही है, उनकी ना कोई फैमिली हिस्ट्री है और 50 फीसदी मामलों में पेशंट्स धूम्रपान भी नहीं करते थे।


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